परिचय
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के वाणिज्यिक पहलुओं की देखरेख कॉर्पोरेट वाणिज्यिक विभाग द्वारा की जा रही है। वाणिज्यिक विभाग के मुख्य कार्य निम्नानुसार हैं: 
•    बिजली खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर करना। 
•    बिजली का आवंटन। 
•    वाणिज्यिक संचालन के तहत इकाइयों और बिजली संयंत्रों की घोषणा करना। 
•    टैरिफ निर्धारण और अन्य संबंधित मामलों के लिए माननीय केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) के समक्ष पंप्ड स्टोरेज प्लांट और थर्मल ऑपरेटिंग स्टेशनों सहित बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं के लिए टैरिफ याचिकाएं दायर करना। 
•    विभिन्न नियामक मुद्दों जैसे कि ड्राफ्ट नियमों पर टिप्पणी, अप्रोच पेपर्स और नीतियों आदि पर कार्य करना। 
•    ऊर्जा और संबंधित बिलों को तैयार करना। 
•    राजस्व की प्राप्ति और अन्य संबद्ध गतिविधियां। 
•    बिजली का व्यापार। 
•    आपसी विश्वास के माध्यम से लाभार्थियों के साथ स्थायी मूल्य-आधारित संबंध बनाना।

क.    परिचालन और रखरखाव के अंतर्गत जलविद्युत परियोजनाएं

(i)      टिहरी एचपीपी (1000मेगावाट) और कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट)
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड वर्तमान में उत्तराखंड राज्य में दो बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं, अर्थात् टिहरी एचपीपी (1000 मेगावाट) और कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट) का संचालन और रखरखाव कर रहा है। उपरोक्त दोनों परियोजनाएं बहुउद्देशीय परियोजनाएं हैं, जो कमांड क्षेत्र को सिंचाई लाभ और दिल्ली व उत्तर प्रदेश को पेयजल प्रदान करती हैं। टिहरी एचपीपी और कोटेश्वर एचईपी को क्रमशः 09.07.2007 और 01.04.2012 को उत्तरी ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज़ किया गया और वाणिज्यिक परिचालन के तहत घोषित किया गया था। टिहरी एचपीपी और कोटेश्वर एचईपी को क्रमशः 2797 एमयू  और 1154.84 एमयू वार्षिक विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की आपूर्ति मुख्य रूप से उत्तरी क्षेत्र के लाभार्थी राज्यों को बिजली खरीद समझौतों और भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी आवंटन आदेश के अनुसार की जा रही है। उपरोक्त परियोजनाओं से ग्रिड में भेजी गई कुल ऊर्जा में से 12% मुफ्त बिजली गृह राज्य अर्थात् उत्तराखंड को प्रदान की जा रही है।
टैरिफ 
प्रचलित टैरिफ विनियमों के आधार पर, टिहरी एचपीपी और कोटेश्वर एचईपी के लिए वार्षिक निश्चित लागत के रूप में टैरिफ का निर्धारण माननीय केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग द्वारा समय-समय पर किया जाता है।
 ii)          टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट (1000 मेगावाट)  
1000 मेगावाट (4X250) की क्षमता वाला टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट (पीएसपी), हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स का एक प्रमुख घटक है। टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट ऊर्जा भंडारण प्रणाली का एक उन्नत रूप है, जो ग्रिड स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा के संतुलन और पीकिंग पावर सपोर्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
टिहरी पीएसपी की यूनिट-1, यूनिट-2 और यूनिट-3 को क्रमशः 07 जून, 2025, 10 जुलाई, 2025 और 12 दिसंबर, 2025 को उत्तरी ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज़ किया गया और वाणिज्यिक परिचालन के तहत घोषित किया गया। शेष यूनिट-4 के कमीशनिंग का कार्य प्रगति पर है। टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) से उत्पन्न बिजली की आपूर्ति दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और गुजरात राज्यों को की जा रही है।
टैरिफ 
प्रचलित सीईआरसी टैरिफ विनियमों के आधार पर, टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट के लिए वार्षिक निश्चित लागत के रूप में टैरिफ का निर्धारण माननीय सीईआरसी द्वारा समय-समय पर किया जाता है।

iii)     ढुकवां लघु जलविद्युत परियोजना (24 मेगावाट)
ढुकवां लघु जलविद्युत परियोजना (24 मेगावाट) भी चालू हो चुकी है और इसे 13.05.2020 को वाणिज्यिक परिचालन के तहत घोषित किया गया है। ढुकवां एसएचपी (एसएचपी) से उत्पन्न बिजली की आपूर्ति उत्तर प्रदेश को की जा रही है।
टैरिफ 
ढुकवां एसएचपी से बिजली की आपूर्ति उत्तर प्रदेश को 4.87 रुपये प्रति किलोवाट घंटा के निश्चित टैरिफ पर की जा रही है।
बिलिंग
टिहरी एचपीपी और कोटेश्वर एचईपी के लिए ऊर्जा बिल, माननीय सीईआरसी द्वारा निर्धारित टैरिफ और उत्तरी क्षेत्रीय विद्युत समिति (एनआरपीसी) द्वारा जारी मासिक क्षेत्रीय ऊर्जा खाते के आधार पर परियोजनाओं के लाभार्थियों पर जारी किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, टिहरी पीएसपी के लिए ऊर्जा बिल अनंतिम टैरिफ के आधार पर लाभार्थियों पर जारी किए जा रहे हैं। ढुकवां एसएचपी के मामले में, ऊर्जा बिल, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी मासिक ऊर्जा खाते और अनुमोदित निश्चित टैरिफ के आधार पर यूपीपीसीएल, उत्तर प्रदेश पर जारी किए जा रहे हैं।


ख.    खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट: (1320 मेगावाट)
1320 मेगावाट (2x660) की क्षमता वाला कोयला आधारित खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में स्थित है। खुर्जा एसटीपीपी की पहली इकाई और दूसरी इकाई को क्रमशः 26 जनवरी, 2025 और 26 सितंबर, 2025 को सफलतापूर्वक वाणिज्यिक परिचालन के तहत घोषित किया गया है।
खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट से उत्पन्न बिजली की आपूर्ति उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड आदि राज्यों को की जा रही है।
टैरिफ 
प्रचलित सीईआरसी टैरिफ विनियमों के आधार पर, खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट के लिए एएफसी
(क्षमता शुल्क) के रूप में टैरिफ का निर्धारण माननीय सीईआरसी द्वारा समय-समय पर किया जाएगा।

बिलिंग 
खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए, परियोजना के लाभार्थियों को एसएलडीसी, यूपी द्वारा जारी मासिक ऊर्जा खाते और अनंतिम टैरिफ के आधार पर ऊर्जा बिल जारी किए जा रहे हैं।

 

ग.     अमेलिया कोल माईन 
खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (एसटीपीपी) के लिए निरंतर और दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार ने 29 अगस्त, 2016 को अमेलिया कोल माईन टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) को आवंटित की थी। अमेलिया कोल माईन का व्यावसायिक परिचालन सफलतापूर्वक 18 फरवरी, 2025 को प्राप्त कर लिया गया। उपरोक्त खदान से निकाला गया कोयला खुर्जा एसटीपीपी को आपूर्ति किया जा रहा है।
टैरिफ (इनपुट मूल्य)
वर्तमान सी.ई.आर.सी. टैरिफ विनियमों के आधार पर, अमेलिया कोयला खदान के लिए कोयले का इनपुट मूल्य समय-समय पर माननीय सी.ई.आर.सी. (केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग) द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

 

घ.     संचालन एवं रखरखाव के अधीन पवन ऊर्जा परियोजनाएं:
पाटन (50 मेगावाट) और द्वारका (63 मेगावाट) पवन ऊर्जा परियोजना
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड वर्तमान में गुजरात के पाटन और द्वारका में दो पवन ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन और रखरखाव कर रही है, जिनकी स्थापित क्षमता क्रमशः 50 मेगावाट और 63 मेगावाट है। पाटन स्थित पवन परियोजना 29.06.2016 को और द्वारका स्थित परियोजना 31.03.2017 को चालू की गई थी। उपरोक्त परियोजनाओं से उत्पन्न कुल बिजली की आपूर्ति बिजली खरीद समझौतों  के अनुसार गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूविएनएल) को की जा रही है।

टैरिफ 
पाटन और द्वारका पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूविएनएल) के साथ बिजली खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन परियोजनाओं के 25 वर्षों के जीवनकाल के लिए क्रमशः ₹ 4.15/kWh और ₹ 4.19/kWh का नियत टैरिफ निर्धारित है।
बिलिंग 
गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूविएनएल) को स्वीकृत नियत टैरिफ और एस.एल.डी.सी., गुजरात द्वारा जारी ऊर्जा खाते के आधार पर ऊर्जा बिल जारी किए जा रहे हैं।

 

ड़.  संचालन एवं रखरखाव के अधीन सौर परियोजना
कासरगोड सौर परियोजना (50 मेगावाट)
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड वर्तमान में केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाले एक सौर ऊर्जा संयंत्र का संचालन एवं रखरखाव कर रही है। उपरोक्त परियोजना 31.12.2020 को सफलतापूर्वक चालू की गई थी। इस परियोजना से उत्पादित कुल बिजली की आपूर्ति केरल राज्य को की जा रही है।
टैरिफ 
उपरोक्त संयंत्र के लिए के.एस.ई.बी.लिमिटेड के साथ बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना की 25 वर्षों की कार्य अवधि के लिए ₹ 3.10/kWh का नियत टैरिफ निर्धारित किया गया है।
बिलिंग 
के.एस.ई.बी. लिमिटेड, केरल को स्वीकृत नियत टैरिफ और के.एस.ई.बी., केरल द्वारा जारी संयुक्त मीटर रीडिंग के आधार पर ऊर्जा बिल जारी किए जा रहे हैं।