टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट (PSP), भारत का पहला 1000 मेगावाट परिवर्ती गति (Variable Speed) पम्प्ड स्टोरेज प्लांट, ग्रिड की विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने तथा ऑफ-पीक घंटों के दौरान अनियमित नवीकरणीय ऊर्जा (सौर एवं पवन) उत्पादन के संतुलन हेतु 1000 मेगावाट पीकिंग विद्युत उत्पादन के लिए अभिकल्पित किया गया है। यह परियोजना पम्प्ड स्टोरेज परिचालन के लिए टिहरी बाँध एवं कोटेश्वर बाँध द्वारा निर्मित जलाशयों का क्रमशः ऊपरी तथा निचले जलाशय के रूप में उपयोग करती है।
टिहरी पीएसपी में प्रत्येक 250 मेगावाट क्षमता की चार प्रत्यावर्ती (Reversible) इकाइयाँ स्थापित हैं, जिन्हें भागीरथी नदी के बाएँ तट पर स्थित एक भूमिगत मशीन कक्ष में स्थापित किया गया है। परियोजना की एक प्रमुख तकनीकी विशेषता यह है कि प्रत्यावर्ती इकाइयों के अधिकतम एवं न्यूनतम परिचालन हेड के बीच लगभग 90 मीटर का हेड परिवर्तन है।
2441.75 मिलियन यूनिट (एमयू) की वार्षिक विद्युत उत्पादन क्षमता तथा लगभग 79.41% राउंड-ट्रिप दक्षता के साथ, टिहरी पीएसपी ऑफ-पीक अवधि में उपलब्ध ऊर्जा को प्रभावी रूप से पीक अवधि की ऊर्जा में परिवर्तित करेगा।
परियोजना की सभी चार इकाइयाँ (इकाई-I से इकाई-IV) ग्रिड के साथ समकालित (Synchronize) की जा चुकी हैं तथा क्रमशः 07 जून 2025, 10 जुलाई 2025, 12 दिसंबर 2025 एवं 12 अप्रैल 2026 से वाणिज्यिक परिचालन (Commercial Operation) के अंतर्गत घोषित की गई हैं।
टिहरी पीएसपी के चालू होने के साथ ही टिहरी जलविद्युत परिसर की कुल स्थापित क्षमता 2400 मेगावाट हो गई है, जिससे यह देश के प्रमुख पीकिंग विद्युत उत्पादन केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित हो गया है।