टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के 1320 मेगावाट खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट ने 16 फरवरी, 2026 को रेलवे साइडिंग यार्ड पर अपनी 1000वीं कोयला रेक प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह रेक मध्य प्रदेश के अमेलिया स्थित परियोजना की कैप्टिव कोयला खदान से प्राप्त हुई। इसके साथ ही संयंत्र को अब तक लगभग 38 लाख टन कोयला प्राप्त हो चुका है।
थर्मल पावर प्लांट कोयले पर आधारित होते हैं और कोयला रेक की नियमित आवाजाही निर्बाध ईंधन आपूर्ति, बेहतर प्लांट लोड फैक्टर (PLF) तथा विश्वसनीय विद्युत उत्पादन सुनिश्चित करती है। 1000वीं रेक की प्राप्ति कोयला आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पावर प्लांट और भारतीय रेल्वे के बीच सतत लॉजिस्टिक समन्वय को दर्शाता है। इतनी बड़ी संख्या में रेक का सफलतापूर्वक संचालन इस बात का संकेत है कि संयंत्र प्रारंभिक/कमीशनिंग चरण से आगे बढ़कर स्थिर एवं सतत संचालन की अवस्था में पहुँच चुका है, तथा रेलवे साइडिंग, अनलोडिंग अवसंरचना, कन्वेयर सिस्टम और स्टॉकयार्ड प्रबंधन कुशलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
हाल ही में टीएचडीसी खुर्जा द्वारा अमेलिया कोयला खदान से कोयला परिवहन को और सुदृढ़ बनाने के लिए दो कोयला रेक खरीदी गई हैं। उल्लेखनीय है कि पहली कोयला रेक 07 अगस्त, 2024 को केएसटीपीपी पहुँची थी। तब से निरंतर और सुव्यवस्थित रेक प्राप्ति ने परियोजना की बढ़ती परिचालन परिपक्वता और विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय को प्रदर्शित किया है। अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि सुनियोजित योजना, खदान से समन्वित डिस्पैच, प्रभावी रेल लॉजिस्टिक्स तथा सुव्यवस्थित ऑन-साइट हैंडलिंग सिस्टम का परिणाम है। यह मील का पत्थर संयंत्र की उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने और क्षेत्रीय ग्रिड स्थिरता में योगदान देने की तत्परता को भी दर्शाता है। फील्ड इंजीनियरों, ऑपरेशन टीमों, खदान प्रबंधन और रेलवे अधिकारियों की भूमिका निरंतर रेक संचालन और दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण रही है।
श्री कुमार शरद, ईडी (प्रोजेक्ट्स) ने केएसटीपीपी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी। श्री बी.के. साहू, सीजीएम (प्रोजेक्ट) ने डावर रेलवे स्टेशन तथा एनसीआर प्रयागराज के रेलवे अधिकारियों को उनके निरंतर सहयोग और समन्वय के लिए विशेष धन्यवाद दिया। इस अवसर पर श्री बी.के. साहू, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री संदीप भटनागर, जीएम (F&A), श्री राकेश रतन पाठक, डीजीएम (RS), श्री आर.एस. पांडे, डीजीएम, श्री दिलीप द्विवेदी, डीजीएम, श्री रमेश चंद्र, डीजीएम, श्री विजय बिष्ट, डीजीएम तथा केएसटीपीपी और RITES के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।