टीएचडीसीआईएल को अरुणाचल प्रदेश में 02 हाइड्रो परियोजनाओं की पेशकश

भारत सरकार और अरुणाचल प्रदेश सरकार ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड से अरुणाचल प्रदेश में 02 मेगा हाइड्रो परियोजनाओं को कार्यान्वित करने की पेशकश की है । ये हाइड्रो परियोजनाएं अरूणाचल के लोहित बेसिन में स्थित हैं जो कि 1200 मेगावाट की कलाई -।। एवं 1750 मेगावाट की देमव (लोवर) परियोजना है । इन परियोजनाओं की पेशकश अरुणाचल प्रदेश राज्य के समग्र विकास की पहल के रूप में पूर्वोत्तर क्षेत्र में परियोजनाओं के बेसिन वार संकेत के एक भाग के रूप में की गई है । उल्लेखनीय है कि टीएचडीसीआईएल ने 2006-07 में टिहरी एचपीपी (1000 मेगावाट) और 2011-12 में कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट) की सफलतापूर्वक कमीशनिंग की और तबसे लगातार इनका सफलतापूर्वक प्रचालन कर रही है जिसके परिणामस्वरूप इन बड़ी हाइड्रो परियोजनाओं के कार्यान्वयन की पेशकश प्राप्त हुई है । टीएचडीसी देश में एक प्रमुख जल विद्युत उत्पादक है और इसने उत्तराखंड राज्य में जल विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में काफी व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। श्री आर.के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार और अरुणाचल प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया और कहा टीएचडीसीआईएल शीघ्र ही उपरोक्त कार्य में तेजी लाने के लिए अरुणाचल प्रदेश में कार्यालय स्थापित करेगा। उपरोक्त जलविद्युत परियोजनाओं के आबंटन के साथ, टीएचडीसीआईएल पहली बार अत्यधिक महत्वाकांक्षा के साथ भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रवेश करने जा रही है। श्री विश्नोई ने यह भी कहा कि व्यापार विस्तार के मामले में यह एक प्रमुख मील का पत्थर साबित होगा । वर्तमान में टीएचडीसीआईएल की 06 परिचालनात्मक परियोजनाएं हैं जिनमें उत्तराखंड में टिहरी एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट) नामक 02 बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं है । इनके साथ ही उत्तर प्रदेश में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जलविद्युत परियोजना, गुजरात के पाटन में 50 मेगावाट और द्वारका में 63 मेगावाट की 02 पवन ऊर्जा परियोजनाएं और कासरगोड केरल में 50 मेगावाट की एक सौर ऊर्जा परियोजना है। इससे कुल स्थापित क्षमता 1587 मेगावाट हो गई है। टीएचडीसीआईएल के पास इस समय उत्तराखंड में बड़ी निर्माणाधीन टिहरी पीएसपी (1000 मेगावाट), वीपीएचईपी (444 मेगावाट) और उत्तर प्रदेश में 1320 मेगावाट की खुर्जा सुपर थर्मल पावर परियोजना अग्रिम चरण में है। श्री आर.के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने टीएचडीसी के विजन पर प्रकाश डालते हुए यह भी कहा कि टीएचडीसीआईएल विविधीकरण हस्तक्षेपों को बढ़ाने के लिए फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ-साथ अन्य पवन, सौर और लघु जलविद्युत परियोजनाओं पर रचनात्मक पहल कर रही है जिससे देश के अन्य भागों में टीएचडीसीआईएल की भौगोलिक उपस्थिति बढ़ेगी । श्री विश्नोई ने इस बात पर भी जोर दिया कि टीएचडीसीआईएल उत्तराखंड राज्य में अधिक परियोजनाओं के अधिग्रहण करने की अभिरूचि रखती है ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापक आर्थिक विकास को प्रोत्साहित किया जा सके । माननीय विद्युत मंत्री, श्री आर.के.सिंह ने भी उत्तराखंड सरकार के माननीय मुख्यमंत्री से टीएचडीसी को जलविद्युत परियोजनाएं आबंटित करने का अनुरोध किया है। श्री विश्नोई ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार से आशा है कि इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेगी ताकि उत्तराखण्ड राज्य का निरंतर विकास हो सके।

Updated on : 03/01/2022