टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड टिहरी में कवि सम्मेलन का आयोजन

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड टिहरी में दि० 28-07-2018 को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में सर्व प्रथम कवियों का अधिशासी निदेशक ( टिहरी काम्पलेक्स) श्री एस.आर. मिश्रा द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर कवियों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात कवि सम्मेलन का शुभारम्भ भारतीय संस्कृति की परम्परा अनुसार अधिशासी निदेशक (टिहरी काम्पलेक्स) श्री एस.आर. मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगणों एवं कवियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सर्व प्रथम कवियों के संयोजक और संचालक श्री गजेन्द्र सोलंकी द्वारा सभी कवियों का परिचय उपस्थित जन समूह से कराया और कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वति वंदना गाकर किया साथ ही उन्होने हिंदी राजभाषा की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न प्रकार के शब्दों से मार्मिक वर्णन किया। तत्पश्चात कवि डा० अनिल चौबे द्वारा भष्ट्राचार और कालेधन पर अपनी कविता से व्याख्यान किया।

’’धीरे धीरे कालाधन होता है सफेद

अब जाके ये रहस्य लोग जान पाए है

मेरे खाते में तो अभी तक कुछ आए नहीं

स्विश बैंक से न जाने कौन लेके आए है’’

 

इसके पश्चात श्रृंगार रस की कवियत्री पूनम वर्मा (मथुरा) द्वारा अपनी मधुर आवाज की छटा विखेरते हुए कविता का शुभारम्भ किया, उन्होने कहा कि

 

’’नजर जो मिलती तो जान लेते, तुम्हारे दिल में हुजुर क्या है

जो तुमने पलके झुकाए रखी, तो फिर हमारा कुसूर क्या है’’

 

इसके पश्चात श्री राधाकान्त पाण्डे (दिल्ली) द्वारा कवितापाठ किया गया उन्होने देश हित और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर अपनी कविता के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को सदेंश दिया।

’’यदि कभी साथ सत्यता का दे सको न आप

शुद्ध भावना रखो अशुद्ध मत बोलना

सबको स्वतन्त्रता मिली है बोलने की किन्तु

याद रहे देश के विरूद्ध मत बोलना ’’

 

श्री गजेन्द्र सोलंकी द्वारा अपनी कविता के माध्यम से इस कवि सम्मेलन में उन्होने अपने देश की एकता और अखण्डता, संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कविता का गायन किया

 

’’ युगों-युगों से कलकल करता बहता गंगा का पानी है,

इस धरती पर जन्म लिया बस अपनी यही कहानी है

एक सभ्यता इक संस्कृति अपना इतिहास बताती है

जति-पंथ सब भले अलग पर खून तो हिन्दुस्तानी है’’

 

साथ ही देश में होने वाली घटनाओं और विकास कार्यो पर प्रकाश डाला और देश के राजनेताओं पर खुब तंज कसे। उन्होने हिंदी भाषा को बढावा देने और सभी लोगों को इस भाषा के प्रयोग करने पर जोर देने का सन्देश भी अपनी कविताओं के माध्यम से दिया। श्री गौरव शर्मा (मुंबई) द्वारा अपनी हास्य कविताओं एवं चुटकलों के माध्यम से उपस्थित जनसमुह को खूब गुद-गुदाया, उन्होने कहा कि

 

’’आजादी के बाद क्या खोया क्या पाया

मैने कहा भगत सिंह को खोया, अमर सिंह को पाया’’

 

साथ ही उन्होने नोट बन्दी पर व्यंग किये और टीवी चैनल की फिल्मों पर चुटकियां ली। वीर रस के कवि श्री मनबीर मधुर द्वारा भी देश में होने वाले घटनाओं पर आधारित कविताओं से श्रोताओं को झक झोर दिया।

कवि सम्मेलन में उपस्थित जनसमुह ने कवि सम्मेलन का भरपूर आनन्द उठाया, अधिशासी निदेशक (टिहरी काम्पलेक्स) द्वारा सभी कवियों का धन्यवाद प्रकट किया गया और अपने सम्बोधन में उन्होने उपस्थित जनसमुह को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह कवि सम्मेलन हिंदी भाषा को बढावा देने के लिए आयोजित किया गया है। हम सभी को शत प्रतिशत कार्य हिंदी भाषा में करना चाहिए एवं साधारण बोलचाल में भी हमें हिंदी का प्रयोग करना चाहिए हमें हिंदी भाषा को बढावा देने के लिए हर स्तर पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को करना है जिसका एक चरण कवि सम्मेलन भी है।

इस अवसर पर महाप्रबंधक (कोटेश्वर परियोजना) श्री पी.के. अग्रवाल, महाप्रबंधक (पी.एस.पी.) श्री के.पी.सिंह, महाप्रबंधक (ओ.एण्ड एम.) श्री सजीव आर, महाप्रबंधक (पी.एस.पी./विद्युत) श्री एस.एस.पंवार, अपर महाप्रबंधक (ओ. एण्ड एम.) श्री आर.आर. सेमवाल, वरिष्ठ प्रबंधक (का. एवं प्र. ) श्री नेलसन लकडा, श्री एस.वी. प्रसाद, श्री डी.पी. भट्ट, प्रबंधक (का. एवं प्र.) श्री मोहन सिंह श्रीस्वाल, उप प्रबंधक श्री इन्द्रराम नेगी, श्री मनोज राय, श्री मनबीर सिंह नेगी, श्री दीपक उनियाल, श्रीमती नीरज सिंह, श्री चन्द्रवीर सिंह नेगी, श्री रणजीत सिंह सहित बडी संख्या में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कार्मिक एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित थे।